जोधपुर समिति को धान खरीदी पंजीयन केन्द्र से बाहर किए जाने पर किसानों का फूटा गुस्सा
देवतालाव।
जिले में धान उपार्जन पंजीयन हेतु कलेक्टर खाद्य शाखा मऊगंज द्वारा 10 सितम्बर 2025 को जारी आदेश (क्रमांक 450/खाद्य/उपज/2025) में कुल 16 समितियों को खरीदी केन्द्र के रूप में अनुमोदित किया गया है, लेकिन सेवा सहकारी समिति जोधपुर का नाम सूची से हटा दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों में जबरदस्त आक्रोश है।
पिछले वर्ष जोधपुर समिति में 1200 से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया था और करीब 38,000 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसके बावजूद इस बार समिति को बाहर करना किसानों को समझ से परे है। किसानों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी जोधपुर, सुअरहा, इटहा, तिवारीगवां, उमरिया व्योहरियान, फुलहा, गेरुआरी, नीवी और मढ़ना गांवों के किसानों को होगी, जिन्हें अब दूरस्थ केन्द्रों पर जाना पड़ेगा।
इनका कहना है:-
“प्रशासन की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस समिति ने पिछले साल 38 हजार क्विंटल खरीदी की, उसी को बाहर करना किसानों की आवाज दबाने की साज़िश है।”
प्रशान्त उपाध्याय,किसान जिलाध्यक्ष अगस्त क्रान्ति मंच
अधिकारी कुर्सी पर बैठकर फैसला कर लेते हैं, लेकिन हमें कई किलोमीटर दूर धान ढोने की मजबूरी होगी। यह सीधा उत्पीड़न है।”
राजू तिवारी,जोधपुर
“अगर जोधपुर समिति को शामिल नहीं किया गया तो हम सड़क पर उतरेंगे और खरीदी केन्द्र का घेराव करेंगे।”
कौशल पटेल ,गेरुआरी
- “हम महिला किसानों के लिए यह सबसे बड़ी मुसीबत है। खेत का काम छोड़कर धान बेचने दूर जाना असंभव है।”
रामरती पटेल,इटहाकला

जोधपुर समिति को धान खरीदी पंजीयन केन्द्र से बाहर किए जाने पर किसानों का फूटा गुस्सा