चित्रकूट में एक व्यक्ति ने अपना दो करोड़ का बीमा कराया। खुद को मरा साबित करने दो करोड़ रुपयों को हड़पने के लिए दोस्त को अपनी कार में बैठाकर जिंदा फूंक दिया। सात दिन में ही पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया है।
चित्रकूट में राजापुर थाना क्षेत्र से 30 जून को कार से मिले बुरी तरह से जल चुके शव के मामले का हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। शव रीवा निवासी सुनील सिंह का नहीं बल्कि उसके दोस्त विनय सिंह का था। जिस सुनील को मृत बता पत्नी हेमा सिंह ने अंतिम संस्कार करा दिया था, उसके जिंदा मिलने के बाद पूरे रहस्य से पर्दा उठ चुका है। खुद सुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कर्ज चुकाने को उसने पहले दो करोड़ का बीमा कराया। फिर क्लेम हड़पने के लिए विनय सिंह से दोस्ती की और शराब के नशे में बेसुध करने के बाद कार में जिंदा फूंक दिया था
मंगलवार को वारदात का खुलासा करते हुए एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पत्नी और अन्य परिजनों ने सुनील का शव बताकर अंतिम संस्कार तो करा दिया था, लेकिन पुलिस को संदेह था। इस वजह से सुनील के बेटे का डीएनए सैंपल लिया गया था। डीएनए सैंपल मैच करने के बाद ही पुलिस मानती कि शव सुनील का है। मौके से चूड़ियां मिलने के बाद शंका यह भी थी कि शव किसी महिला का भी हो सकता है।
इस बीच रविवार रात को एमपी के रीवा के जवा थाना क्षेत्र के कनपुरा निवासी सुनील सिंह पुत्र अवध बिहारी सिंह को उसके साढ़ू राजू सिंह निवासी आनंदपुर भाभा के घर से दबोच लिया गया। इसके बाद सुनील ने पूरी कहानी बयां कर दी। एसपी के मुताबिक सुनील ने बताया कि उसने लोन पर हार्वेस्टर खरीदा था और पत्नी को ब्यूटी पार्लर की फ्रेंचाइजी दिलाई थी। इस वजह से उसके ऊपर 40 लाख का कर्ज हो गया था।
इसके लिए उसने साजिश के तहत अक्तूबर 2024 में दो करोड़ का जीवन बीमा कराया। इस बीमा राशि को हड़पने के लिए उसने यू-ट्यूब पर कई क्राइम सीरियल देखे। इसके बाद उसने एक ऐसे व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी, जिसके पत्नी-बच्चे न हों। एसपी के मुताबिक सुनील ने बताया कि करीब एक माह पहले शराब ठेके में उसकी मुलाकात विनय सिंह से हुई। विनय सिंह उसे अपनी साजिश का उपयुक्त किरदार लगा और उससे दोस्ती कर रोजाना शराब पिलाता रहा।
