
एपीएस (APS)विश्वविद्यालय के विरुद्ध दायर याचिका में छात्र अमन सिंह बघेल को अंतरिम राहत प्रदान की गई है। यह मामला 21 मई 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा हुआ है। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति के आदेश पर बीएएलएलबी के छात्र एवं छात्र प्रतिनिधि अमन सिंह बघेल को 6 माह के लिए निलंबित कर दिया था।
हालांकि अब न्यायालय से मिली अंतरिम राहत के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुश्री विधि सिंह परिहार (पुत्री श्री ध्रुव सिंह परिहार ने प्रभावी और सशक्त पैरवी की। उनके प्रयासों से अमन सिंह बघेल को पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई है।
इस निर्णय के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों में न्याय व्यवस्था के प्रति भरोसा और उम्मीद दोनों मजबूत हुए हैं।

